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श्रद्धा मर्डर केस में आफताब की दरिंदगी की 10 कहानियां

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श्रद्धा मर्डर केस में आफताब की दरिंदगी की 10 कहानियां, जाने हर बात शुरू से अब तक का केस का हाल।

डेटिंग ऐप पर फर्जी नामों से रहता था एक्टिव

पुलिस के अनुसार आफताब डेटिंग ऐप के जरिए चैटिंग और मैसेज भेजकर लड़कियों को अपनी ओर आकर्षित करने में एक्सपर्ट था। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात तो ये है कि जिस समय आफताब के घर में श्रद्धा की लाश के टुकड़े रखे हुए थे उस समय भी उसने अपने घर में एक लड़की को बुलाया था। आफताब ऐसे कई डेटिंग ऐप को फर्जी नामों से चलाया करता था। कई बार उन फर्जी ऐप से लड़कियों को अपने घर पर बुलाया करता था। श्रद्धा के साथ रिलेशनशिप से पहले भी आफताब के साथ कई लड़कियों के रिलेशन थे।

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दरिंदे आफताब के साथ ब्रेकअप चाहती थी श्रद्धा

बीते 18 मई की रात को श्रद्धा के साथ जो भी दरिंदगी हुई, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। जिसने भी ये खबर पढ़ी या सुनी सबकी रूह कांप गई। जैसे-जैसे इस केस की जांच आगे बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे ये कहानी आए दिन एक नया मोड़ लेती जा रही है। श्रद्धा के दोस्त ने पुलिस को बयान दिया जिसने इस कहानी को एक नया मोड़ दे दिया है। श्रद्धा के दोस्त ने बताया कि श्रद्धा आफताब से ब्रेक अप करना चाहती थी। दरिंदा आफताब श्रद्धा को आए दिन ब्लैकमेल किया करता था और कहता था कि अगर उसने आफताब को छोड़ा तो या तो वो उसे मार डालेगा या खुद सुसाइड करके श्रद्धा के परिवार को फंसा देगा।

इसके अलावा अब तक इस केस में ये बात सामने आई है कि श्रद्धा आफताब पर शादी को लेकर दबाव बना रही थी और श्रद्धा को आफताब पर शक था कि उसका अफेयर किसी और लड़की के साथ चल रहा है। जिस कारण आफताब ने श्रद्धा को मौत के घाट उतार दिया।

श्रद्धा मर्डर केस में आफताब की दरिंदगी की 10 कहानियां

दोस्तों से रहने लगा था दूर

श्रद्धा को मारने से कुछ दिन पहले से ही आफताब ने अपने दोस्तों से भी दूरी बना ली थी। इस बात की जानकारी आफताब के खास दोस्त ने दी है। ये वही दोस्त है जिसने श्रद्धा और आफताब को दिल्ली में घर दिलाने में मदद की थी। जिस उम्मीद के साथ श्रद्धा अपने प्रेमी के साथ दिल्ली आई थी, उसे क्या खबर थी कि एक दिन वहीं प्रेम उसकी जान ले लेगा।

जैसे- जैसे समय गुजरता गया वैसे- वैसे आफताब का प्यार घरेलू हिंसा में बदलता गया। श्रद्धा के दोस्त ने बताया कि आफताब श्रद्धा को आए दिन मेंटली टॉर्चर कर रहा था।

श्रद्धा को ब्लैकमेलिंग का रहता था डर

श्रद्धा के दोस्तों द्वारा आफताब को पुलिस  के पास जाने की भी धमकी दी गई थी। इसके बावजूद आफताब पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ और वो लगातार श्रद्धा परेशान करता रहा। श्रद्धा के मन में आफताब का ऐसा डर था कि वो ब्लैकमेलिंग के डर के कारण पुलिस के पास नहीं गई। जिस कारण उसका ऐसा दर्दनाक अंत हुआ। अगर वह इस डर से बाहर निकल कर पुलिस के पास चली गई होती तो शायद वो बच जाती।

महरौली के घर में शिफ्ट होने के कुछ दिन बाद ही आफताब ने श्रद्धा का कत्ल कर दिया। श्रद्धा के पड़ोसियों ने बताया कि उसे वहां बहुत कम ही लोगों ने देखा था। जिसके बाद, अब उस इलाके में काम करने वाले प्लंबर ने बयान देते हुए कहा कि उसने श्रद्धा को फ्लैट में आते देखा था।

जांच करने में जुटी दिल्ली पुलिस

एक प्लंबर के मुताबिक, आफताब को ही सबसे ज्यादा मोहल्ले में देखा गया था। पुलिस ने अब केस की सभी कड़ियां जोड़ना शुरू कर दिया है। साथ ही वह श्रद्धा के कपड़ों की भी ढूंढ रही है। पुलिस द्वार दो ऐसे जगहों को निशान बनाया गया हैं, जहां वो कूड़ेदान का कचरा फेंका किया करता था। इसके अलावा पुलिस द्वारा उस गाड़ी की भी पहचान हो चुकी है जहां ये कपड़े फेंके गए थे।

दरिंदे आफताब द्वारा श्रद्धा के शरीर के कुल 35 टुकड़े किए गए थे और उन्हें बारी बारी महरौली के जंगलों में फेंका गया था। कातिल आफताब द्वारा पुलिस के सामने इस बात को कबूला गया है कि वह पूरे 20 दिन तक लाश के टुकड़े फेंकता रहा। आफताब ने यह भी कहा कि उसने ये सारे टुकड़े छतरपुर और महरौली के आस पास ही फेंके हैं। ज्यादा दूर जाने पर उसे पकड़े जाने का डर था।

श्रद्धा के टुकड़े जंगल में खोज रही है पुलिस

पुलिस लगातार श्रद्धा के शरीर के टुकड़े ढूंढने में लगी हुई है। पुलिस आफताब को इस हर जगह लेकर जा रही है जहां उसने टुकड़े फेकने की जानकारी दी है। दिल्ली पुलिस द्वारा श्रद्धा के शव के कई टुकड़े भी बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस टीम दिन-रात श्रद्धा के लाश के टुकड़े ढूंढने में लगी हुई है। इस सर्च ऑपरेशन में डॉग स्क्वॉड की भी मदद भी ली गई है।

पुलिस हथियार और बाकी टुकड़ों को बरामद करने के लिए आफताब को महाराष्ट्र के अलावा कुछ अन्य जगहों पर भी ले जा सकती है। श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफताब द्वारा अपना फोन स्विच किया गया था। लेकिन पुलिस को इस बात का शक है कि वो महाराष्ट्र के अलावा कुछ अन्य राज्यों में भी गया था। जिस कारण पुलिस को इस बात का शक है कि हथियार जंगल में ना होकर कहीं और भी छिपा कर रखा हो सकता है।

फ्रिज में रखे हुआ था लाश के टुकड़े

श्रद्धा की हत्या के बाद और उसने उसके शरीर के टुकड़े करके फ्रिज में रखें और उन टुकड़ों की जगह भी समय – समय पर बदलता रहता था। वह कुछ टुकड़े फ्रिज के निचले हिस्से तो कुछ टुकड़े फ्रीज़र में रखता था। लाश की बदबू बाहर ना जाए इसलिए वह बार- बार उनकी अदला बदली करता रहता था।

घर में रखें लाश के टुकड़े और घर, फ्लोर और बाथरूम में खून की सफाई करने के लिए आफताब केमिकल का इस्तेमाल किया करता था। साथ ही, फ्रिज और कमरे की सफाई के लिए एसिड का भी प्रयोग किया था। जिस कारण पुलिस को आफताब के घर में खून के धब्बे नहीं मिले। केवल किचन में एक जगह खून का एक धब्बा मिला है। आफताब ने इस मर्डर को एकदम शातिराना तरह से अंजाम दिया और पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की है।

मर्डर करने के बाद भी बिलकुल नॉर्मल था

आफताब कितना शातिर था ये उसके द्वारा किए गए कई खुलासों से पता चल गया है। श्रद्धा का मर्डर करने के बाद आफताब अपने आपको ऐसे रखता था, जिससे किसी को कुछ पता न चले। अपने आप को नॉर्मल रखना भी उसकी प्लानिंग का ही एक हिस्सा था। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आफताब ने इस बात को माना है कि श्रद्धा को मारने के बाद वह एक दम नॉर्मल ज़िंदगी जी रहा था। जिससे किसी को उस पर शक ना हो। वह हर रोज की तरह काम पर जाता था। साथ ही, सोशल मीडिया अकाउंट पर भी हमेशा की तरह पोस्ट किया करता था।

वह ये बात बहुत अच्छे से जानता था कि श्रद्धा अपने घरवालों बात नहीं करती। इसलिए उसे ढूंढने कोई नहीं आएगा। श्रद्धा घर छोड़ने के बाद केवल अपने दोस्तों के साथ संपर्क में थी और उन दोस्तों के साथ वो श्रद्धा के फोन के ज़रिए संपर्क में रहता था।

श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट को अपडेट करता रहता था

आरोपी आफ़ताब श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट को समय – समय पर अपडेट करता रहता था, जिससे श्रद्धा के किसी भी दोस्त या किसी भी करीबी को इस बात का शक न हो कि श्रद्धा के सााथ कुछ भी गलत हुआ है। जिसके लिए वो समय-समय पर श्रद्धा की फोटो भी डालता रहता था।

जिस इंसान को श्रद्धा अपना सबकुछ मानती थी। जिसके लिए वो अपना घर छोड़ के मुंबई से दिल्ली आई थी, उसी आफताब ने कई बार उसके साथ झगड़े किए, मारपीट की और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। इससे पहले भी श्रद्धा और आफताब के बीच झगड़े हुए थे। लेकिन 8 मई की रात झगड़ा इतना बढ़ गया कि आफताब ने श्रद्धा को बड़ी ही बेरहमी से मारना शुरू कर दिया। पुलिस को दिए गए बयान में आफताब ने इस बात को कबूला है कि 18 मई को पहले श्रद्धा और आफताब के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद उसने श्रद्धा को ज़मीन पर पटका और उसके सीने पर जा बैठा और उसका गला दबा दिया।

इससे पहले भी मारने की कोशिश कर चुका था

आफताब ने श्रद्धा का गला दबाया जिसके कुछ मिनटों बाद ही उसकी सांसें थम गई। जिसके बाद आफताब ने श्रद्धा बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए एक बेहद खतरनाक प्लानिंग बनाई और लगातार 20 दिन तक उसकी बॉडी को ठिकाने लगाता रहा। पुलिस द्वारा इससे पहले भी इस बात का खुलासा किया जा चुका है कि आफताब ने इससे पहले भी श्रद्धा को जान से मारने की कोशिश की थी।

आफताब ने बड़ी ही क्रूरता से श्रद्धा की मौत को अंजाम दिया और उसकी लाश को ठिकाने लगाया। तकरीबन 6 महीने तक किसी को इस बारे में भनक तक लगने नहीं दी। आरोपी आफताब ने हर वो प्रयास किया जिससे किसी को भी इस बारे में कभी कुछ पता न चले। उसने अपने आस पास ऐसा माहौल रखा था जिससे किसी को उसपर किसी भी तरह का कोई शक न हो। लेकिन कोई भी मुजरिम कितनी भी चालाकी क्यों न कर ले, परन्तु जुर्म छिपाए नहीं छिपता और करीब 6 महीने बाद श्रद्धा हत्याकांड का सच सबके सामने आ ही गया।

नार्को टेस्ट के जरिए पता किया जायेगा सच

अभी फिलहाल पुलिस द्वारा जांच जारी है। इस केस को लेकर आफताब से पुलिस लगातार पूरा सच जानने का प्रयास कर रही है। लेकिन आरोपी आफताब द्वारा लगातार अपना बयान बदलकर जांच को भटकाने की कोशिश के कारण पुलिस को जांच में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आरोपी आफताब के नार्को टेस्ट करने की मांग को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि श्रद्धा हत्याकांड से जुड़े कई अन्य बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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