रिजल्ट:बिहार STET के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर।बोर्ड ने जारी की अधिसूचना।रिजल्ट में ऐसे होगा बदलाव।

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पटना:-बिहार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2019 की पुनर्परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक आवश्यक सूचना बिहार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जारी किया है।बोर्ड ने इस संबध में जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी सूचित कर दिया है।
चुकी बिहार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 कि परीक्षा जो की 2019 में परीक्षा में हुए कदाचार के मामले के कारण स्थगित कर दी गई थी कि पुनर्परीक्षा 9 सितम्बर से 21 सितम्बर तक आयोजित की गई हैं।इस बार की पुनर्परीक्षा सीबीटी यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं।

बोर्ड ने अधिसूचना जारी की

इसी संबध में बोर्ड ने एक अधिसूचना जारी की है और बोर्ड ने कहा है कि यह परीक्षा चुकी ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं और अलग अलग पालियों में आयोजित की जाएगी।अतः इस बात को संभावना है कि किसी पाली कठिन प्रश्न हो सकते हैं किसी पाली में सरल भी हो सकते हैं चुकी हर पाली प्रश्न पत्र अलग अलग होंगे। अतएव इस बात की ज्यादा संभावना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बिहार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड जो कि बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करवा रही है ने नॉर्मलाइजेशन के द्वारा रिजल्ट जारी करने का फैसला किया है। जिससे कि किसी भी अभ्यर्थी को लाभ या हानि ना पहुंचे।

बोर्ड ने अपने अधिसूचना में कहा

सभी संबंधित को सूचित किया जाता है कि ऑनलाइन तरीके से आयोजित की जाने वाली वैसी प्रतियोगिता परीक्षाएँ , जिनमें किसी भी विषय में अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होने के आलोक में उस विषय की परीक्षा एक से अधिक पालियों अलग तिथियों में ली जाती है , वैसी परीक्षाओं में सामान्यतया अलग – अलग पालियों में प्रश्न पत्रों के अलग – अलग कठिनाई स्तर होने के स्थिति में ऐसे विषय का परीक्षाफल तैयार करने के पूर्व Normalization की विधि अपनाई जाती है।
ताकि किसी भी विशेष पाली के किसी भी अभ्यर्थियों को कोई लाभ या हानि नहीं हो । इसी प्रकार , माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा ( STET ) 2019 की ऑनलाइन पुनर्परीक्षा में भी वैसे विषय जिनकी परीक्षा एक से अधिक पालियों अलग तिथियों में ली जा रही है इसलिए बोर्ड ने परीक्षाफल तैयार करने से पूर्व Normalization की विधि अपनाकर ही परीक्षाफल तैयार करने का निर्णय लिया है।

जानिए नॉर्मालाइजेशन क्या है

सामान्यीकरण ‘एक ऐसी प्रक्रिया है जो किसी भी परीक्षा के समान परीक्षा मापदंडों, विशेष रूप से कठिनाई स्तर के आधार पर उम्मीदवारों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए नियोजित करता है।
 किसी भी बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाएं जो विभिन्न पाली में होती हैं।  प्रत्येक स्लॉट के लिए अनुभागीय और समग्र स्तर, साथ ही साथ विषय भी भिन्न होते हैं।  एक स्लॉट में प्रश्न आसान हो सकते हैं और दूसरे में तुलनात्मक रूप से कठिन।
इसलिए, उम्मीदवारों के परीक्षा अंकों के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए, उस बोर्ड द्वार उस परीक्षा की विभिन्न पाली में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों को सामान्य करता है।  मूल रूप से, सामान्यीकरण का उद्देश्य परीक्षा के विभिन्न सत्रों में कठिनाई स्तर को समायोजित करना है।

अब,एक और महत्वपूर्ण सवाल जो यहाँ उठता है, नॉर्मलाइजेशन कैसे किया जाता है। इसे नीचे देखें।

इक्वि-पर्सेंटाइल पद्धति का उपयोग करके परीक्षा के अंकों का सामान्यीकरण किया जाता है।  देखते हैं, कैसे किया जाता है।
 सबसे पहले, परीक्षा की प्रत्येक पाली के लिए छात्रों की प्रतिशतता रैंक की गणना नीचे दिए गए सूत्र का उपयोग करके की गई है:
उसके बाद, उपलब्ध रिक्तियों की संख्या के आधार पर, एक कटऑफ पर्सेंटाइल रैंक तय की जाती है।
इस कटऑफ स्कोर के आधार पर, उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।

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