गोपालगंज:शिक्षक की हत्या करना अपराधी को पड़ा महंगा।ग्रामीणों ने अपराधी को पिट पिट कर मार डाला।

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गोपालगंज:-गोपालगंज के उत्क्रमित हाई स्कूल के शिक्षक को गोली मारने वाले अपराधी को ग्रामीणों ने पुलिस के सामने हैं पीट पीट कर मार डाला यह वीडियो देख देख कर ऐसा लग रहा है कि हमारी पुलिस कितनी कमजोर हो गई है।

 

हमारा संविधान कहता है कि कानून हाथ में लेना दंडनीय अपराध है तू घर में घुसकर मां के सामने सी शिक्षक को मार देना कहां का कानून इजाजत देता है और अब पुलिस अधिकारी भी बोल रहे हैं कि ऑन द स्पॉट सजा देना कहां तक उचित है हम कानून के साथ हैं लेकिन हम बोल रहे हैं कि जब हमारी रक्षा नहीं हो पाएगी और हम हम खौफ में जिएंगे तो अपराधियों को भी खौफ में जीना होगा और उनको भी ग्रामीणों के डर से या यूं कहे त जनता के डर से खौफ में जीना ही होगा

अगर इसी बात को देखकर अपराधी अगर यह समझ जाए कि उनका भी हस्र से 1 दिन यही होगा तो अपराध काफी हद तक खत्म हो जाएगा और अपराधियों को सबक जरूर मिलेगी इस घटना से यह दिल दहला देने वाली घटना गोपालगंज से सटे सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रामपुर बंगरा गांव की है।

यह शिक्षक गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड के पकड़ी गांव में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे और गोपालगंज में हत्या का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

इस व्यक्ति को एक शिक्षक की हत्या करना पड़ा महंगा शिक्षक रामपुर बंगरा कुशीनगर जिले के निवासी थे जो उत्क्रमित मध्य विद्यालय पकड़ी में पढ़ाते थे।

आज उनके घर रामपुर बांग्ला में घर में घुसकर उनके ही मां के सामने अपराधी ने उनको गोली मार दी तभी गांव वालों की नजर पड़ी और गांव वालों ने अपराधी को अपने शिकंजे में ले लिया और तब तक उसको मारा जब तक वह मर नहीं गया और मरने के बाद भी उस को पीटा गया और पुलिस दर्शक बनी देखती रही।

पुलिस का कहना है कि यह कानून हाथ में लेना कहां तक उचित है। लेकिन हम एक बात करते हैं कि किसी मां के सामने उसके बेटे को गोली मारना किस कानून की इजाजत है।यह घटना सोमवार की है।

घटना चाहे जो भी हो पर किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं है।ग्रामीणों को ऐसा नहीं करना चाहिए था।और उस अपराधी को पुलिस को सौंप देना चाहिए था।

रिपोर्ट: सनी कुमार शर्मा

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