SIWAN EXPRESS NEWS

आपके काम कि हर खबर

||

राम नवमी 2024:तिथि और समय।।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा रामलला के दर्शन के निर्देश।पूजा विधि,मंत्र और आरती।।

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on linkedin
Share on telegram

Insert Your Ads Here

राम नवमी 2024: राम नवमी हिंदुओं के सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री राम की जयंती का प्रतीक है। भगवान राम को सदाचार, धार्मिकता के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है, और उन्हें आदर्श इंसान माना जाता है जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम से भी जाना जाता है। राम नवमी चैत्र माह के नौवें दिन (नवमी तिथि) को होती है। इस साल, राम नवमी का त्यौहार पूरे देश में 17 अप्रैल, 2024 को मनाया जाएगा।

राम नवमी 2024: तिथि और समय

नवमी तिथि प्रारंभ – 16 अप्रैल, 2024 – दोपहर 01:23 बजे। नवमी तिथि समाप्त – 17 अप्रैल, 2024 – दोपहर 03:14 बजे

राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त – 17 अप्रैल, 2024 – सुबह 10:30 बजे से दोपहर 01:02 बजे तक

राम नवमी का हिंदुओं में बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। यह दिन पूरे देश में बहुत ही धूमधाम और भक्ति के साथ मनाया जाता है। राम नवमी भगवान राम की जयंती के उपलक्ष्य में मनाई जाती है, जो धर्म के पालन के लिए पूजनीय हैं। भगवान राम के जीवन और शिक्षाओं का उल्लेख पवित्र ग्रंथ रामायण में किया गया है। दुनिया भर में लाखों हिंदुओं के लिए राम नवमी का बहुत महत्व है। यह खुशी और भक्ति का दिन है, जो लोगों को धार्मिकता को बनाए रखने और ईमानदारी और करुणा का जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।

श्री रामचंद्रजी की आरती

श्री राम चंद्र कृपालु भजुमन, हरण भवभय दारुणम

नव कंज लोचन, कंज मुख का रकंज पद कंजारुणम

कंदर्प अगणित अमित छवि, नव नील नीरद सुंदरम पट पीत मानहु तड़ित रुचि-शुचि नौमी जनक सुतावरम

भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम

रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद्र दशरथ नंदनम

शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदार अंग विभूषणम अजानुभुज शर चाप-धर संग्राम जित खरदूषणम

इति वदति तुलसीदास, शंकर शेष मुनि मन रंजनम

मम हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खल दल गंजनम

मन जाहि राचेउ मिलहि सो वर सहज सुंदर संवरोकरुणा निधान सुजानशील सनेह जानत रावरो

ऐहि भांति गौरी असीससुन सिय हित हिय हिय हर्षित अली

तुलसी भवानीहि पूजे पुनि पुनि मुदित मन मंदिर चली

Amazon पर बेहतरीन ऑफर के लिए यहां क्लिक करें।

श्री राम चंद्र जी के मंत्र

राम राम रामेति रामे रामे मनोरमे..! सहस्त्रनाम ततुल्यम राम नाम वरानने..!!2. लोकाभिरामं रणरंधीरम राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम..! करुणारूपं करुणाकरं तं श्री रामचंद्रं शरणं प्रपद्ये..! – अपदामपहारतरं दातारं सर्व संपदाम..! लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामम्यहम..!!

अगर अपने भी रामनवमी के दिन अयोध्या में रामलला के दर्शन का प्लान किया हैं,तो आपके लिए ये जानना जरूरी हैं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा जारी निर्देश

श्री राम नवमी के पावन पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा विशिष्ट व्यवस्था की गई है।

श्री रामनवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः काल साढ़े तीन बजे से श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध होने के लिए व्यवस्था की जाएगी।

दिनांक 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक सभी प्रकार के विशिष्ट पास/दर्शन-आरती आदि की बुकिंग को पहले ही रद्द किया जा चुका है।

सभी को एक ही मार्ग से जाना होगा। दर्शन का समय बढ़ाकर 19 घंटे कर दिया गया है, जो मंगला आरती से प्रारंभ होकर रात्रि 11 बजे तक चलेगा। चार बार लगने वाले भोग के लिए केवल पांच-पांच मिनट के लिए ही पर्दा बंद होगा।

विशिष्ट महानुभावों से अनुरोध है कि वे दर्शन हेतु 19 अप्रैल के बाद ही पधारें।

https://siwanexpress.com/what-vijay-diwas-why-celebrated-know-all-things/

श्री राम जन्मोत्सव का प्रसारण अयोध्या नगरी में लगभग सौ बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा। न्यास के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी लाइव प्रसारण होगा।

दर्शन के दौरान परेशानी और समय की बर्बादी से बचने के लिए दर्शनार्थियो को अपना मोबाइल, मूल्यवान वस्तुएं इत्यादि साथ नहीं लाने चाहिए।

मंगला आरती के पश्चात ब्रह्म मुहूर्त में अति-प्रातः 3:30 बजे से अभिषेक, श्रंगार एवं दर्शन साथ- साथ चलते रहेंगे। श्रंगार आरती प्रातः 5:00 बजे होगी, श्री रामलला का दर्शन एवं सभी पूजा-विधि यथावत साथ-साथ चलती रहेंगी। भगवान को भोग लगाने के लिए समय-समय पर अल्प-काल को पर्दा रहेगा। श्रद्धालुओं से निवेदन है कि पर्दा बन्द रहने के समय धैर्य बनाकर रखें एवं श्री राम- नाम संकीर्तन तथा प्रभु का भजन करते रहें। रात्रि 11:00 बजे तक दर्शन का क्रम पूर्ववत चलता रहेगा, तत्पश्चात परिस्थिति अनुसार भोग एवं शयन आरती होगी। शयन आरती के पश्चात प्रसाद मन्दिर निकास मार्ग पर मिलेगा।

2. दर्शनार्थी अपना मोबाइल, जूता, चप्पल, बड़े-बैग एवं प्रतिबंधित सामग्री आदि जितना दूर सुरक्षित रखकर आएंगे, दर्शन में उतनी ही अधिक सुविधा होगी।

3. दिनांक 16, 17, 18 एवं 19 अप्रैल को सुगम दर्शन पास, वी.आई.पी. दर्शन पास, मंगला आरती पास, श्रंगार आरती पास एवं शयन आरती पास नहीं बनेंगे अर्थात किसी भी प्रकार के पास जारी नहीं किए जाएंगे। अर्थात उपरोक्त दिनों में सभी सुविधाएँ निरस्त रहेंगी।

4. सुग्रीव किला के नीचे, बिड़ला धर्मशाला के सामने, श्री रामजन्मभूमि प्रवेश द्वार पर ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ द्वारा यात्री सेवा केन्द्र बनाया गया है जिसमें जन-सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

5. श्री राम जन्मभूमि मन्दिर में संपन्न होने वाले सभी कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में लगभग 80 से 100 स्थानों पर एल.ई.डी. स्क्रीन लगाकर दिखाया जाएगा। यह कार्य प्रसार भारती द्वारा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से श्र‌द्धालुओं की सुविधा के लिए किया गया है। इसका सीधा प्रसारण उपलब्ध रहेगा। अतः सभी सम्मानित श्र‌द्धालुओं से अनुरोध है कि केवल राम नवमी के दिन सभी कार्यक्रमों का आनन्द घर बैठे अथवा जो जहाँ हो, मोबाइल पर, टेलीविजन पर और स्थान-स्थान पर लगी हुई एल.ई.डी. स्क्रीन पर देखकर, प्रभु श्री राम जी की कृपा प्राप्त कर, जीवन धन्य करें और राम नवमी के पश्चात अपनी सुविधानुसार अयोध्या धाम आकर प्रभु श्री रामलला जी के दर्शन लाभ कर, प्रसाद ग्रहण करें। राम नवमी के दिन अनावश्यक भाग-दौड़ और परेशानी से बचें।

Insert Your Ads Here

FOLLOW US

POPULAR NOW

RELATED

Skip to content